शिवरात्रि पर होगा कुंभ मेले का पहला शाही स्नान, कोरोना के चलते होंगी ये पाबंदियां

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हरिद्वार में मां गंगा के किनारे श्रद्धा से लाखों सिर झुकते हैं. आस्था और आध्यात्म का यह विश्व का सबसे बड़ा जमघट है जिसे कुंभ मेले  के तौर पर जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार नक्षत्र और राशियां यह निर्धारित करती हैं कि चार निश्चित स्थानों में से किस स्थान पर कुंभ का आयोजन होना है. यह चार स्थान हैं हरिद्वार में गंगा तट, प्रयागराज में गंगा-यमुना-सरस्वती का संगम तट, नासिक में गोदावरी तट और उज्जैन में शिप्रा नदी का तट. ग्रहों के अद्भूत चाल और कोरोना के कारण इस बार हरिद्वार का कुंभ मेला प्रभावित हो रहा है. यह इस वर्ष 11वें साल बाद पड़ रहा है. आमतौर पर इसे हर 12वें वर्ष में मनाने की परंपरा है. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार बृहस्पति के कुंभ राशि और सूर्य के मेष राशि में आने से ऐसा संयोग बनता है.

इस बार 11 मार्च शिवरात्रि के अवसर पर कुंभ मेला 2021 का पहला शाही स्नान होगा. वहीं, तीसरा मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के अवसर पर होगा. कोरोना के कारण इस बार कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं. आपको बता दें कि इस बार कुंभ मेला महज 48 दिनों का ही होगा. आमतौर पर इसे 120 दिनों के लिए मनाया जाता था. यह इस शताब्दी का दूसरा मेला होने वाला है. इसमें 13 अखाड़े के लोग भारी संख्या में इकट्ठा होते है. इसमें कुंभ स्नान समेत अन्य धार्मिक कार्यों को किया जाता है.

कुंभ मेला 2021 का शुभ मुहूर्त और तिथि
कुंभ मेला 2021 में पहला शाही स्नान: 11 मार्च शिवरात्रि
कुंभ मेला 2021 में दूसरा शाही स्नान: 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या
कुंभ मेला 2021 में तीसरा मुख्य शाही स्नान: 14 अप्रैल मेष संक्रांति
कुंभ मेला 2021 में चौथा शाही स्नान: 27 अप्रैल बैसाख पूर्णिमा

कुंभ स्नान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान पवित्र गंगा नदी में स्‍नान करना शुभ होता है. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान गंगा में तीन डुबकी लगाने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और लोगों को मोक्ष की प्राप्‍ति होती है.

कोरोना के चलते कुंभ मेले में होंगी ये पाबंदियां
-मेले में आने वाले लोगों को पहले से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.
-जो लोग ट्रेन या बस से यहां पहुंचेंगे उन्हें कोविड के सभी नियमों का पालन करना होगा.
– थर्मल स्क्रीनिंग समेत अन्य व्यवस्था राज्य सरकार करेगी.
-मास्क लगाकर ही कुंभ स्नान करने की अनुमति दी जाएगी.
-तट पर जूता पहनने की सख्त मनाही होगी.

 

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