Google के इस एक बटन से कंपनी को हर साल होता है 8 अरब रुपए का नुकसान

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अगर आप अपने फोन या लैपटॉप पर गूगल सर्च का इस्तेमाल करते हैं तो आपको हर फीचर के बारे में जानकारी होगी। जैसे किस तस्वीर को कैसे डाउनलोड किया जाएगा। इनकॉग्निटो टैब कैसे खोलें। या फिर किसी फेक न्यूज को पहचानना है तो क्या करें। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे फीचर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसके बारे में बेहद कम लोग ही जानते हैं और न ही कभी उसपर किसी का ध्यान जाता है। गूगल सर्च पर अगर आप जाएंगे तो बिल्कुल बीच में आपको सर्च का ऑप्शन मिलेगा। उसके ठीक नीचे ही आप देखेंगे कि वहां दो ऑप्शन दिया गया है। पहला ऑप्शन गूगल सर्च का है और दूसरा ऑप्शन आई एम फीलिंग लकी (I’m feeling lucky) का है। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि ठीक सर्च के नीचे गूगल ने इस बटन को क्यों जोड़ा है। चलिए हम आपको बताते हैं।

 है I’m feeling lucky बटन – I’m feeling lucky बटन एक ऐसा ऑप्शन है जिसको चुनते ही आप तुरंत उस सर्च रिजल्ट पर पहुंच जाएंगे। मान लीजिए आपको कुछ सर्च करना है और आपने सीधे गूगल सर्च बार में अपना क्वेरी या फिर कुछ भी डाल दिया। लेकिन उसके बाद इतने सारे ऑप्शन आ जाते हैं कि आप कंफ्यूज हो जाते हैं कि किस ऑप्शन को क्लिक कर उससे जानकारी लें। लेकिन फिर यहां काम आता है I’m feeling lucky बटन। गूगल सर्च बार में अगर आपको कोई भी जानकारी डायरेक्ट चाहिए यानी की बिना किसी विज्ञापन के आप सीधे वहां पहुंचना चाहते हैं तो आप पहले सर्च बार में लिखकर इस बटन पर क्लिक कर सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर अगर आप सर्च बार में टीवी9 सर्च करते हैं तो आप सीधे टीवी9 के तेलुगु यूट्यूब चैनल पर पहुंच जाएंगे तो वहीं अगर आप टीवी9 भारतवर्ष टाइप करते हैं तो आप बिना किसी विज्ञापन या सर्च रिजल्ट के हमारी वेबसाइट पर पहुंच जाएंगे।
बटन की वजह से गूगल को होता है 8 अरब का नुकसान – 2007 में गूगल के सर्च बॉस मरीसा मेयर ने अनुमान लगाया था कि गूगल सर्च का 1 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ इस बटन में चला जाता है। यानी की यूजर्स अगर इस बटन का इस्तेमाल कर सर्च करते हैं तो उन्हें विज्ञापन नहीं दिखता जिससे गूगल को नुकसान होता है और यूजर्स सीधे सर्च पेज पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में साल 2007 एक एनालिस्ट ने कहा था कि, इस बटन की वजह से गूगल के सालाना रेवेन्यू में 110 मिलियन अमेरिकी डॉलर (8।03 अरब रुपये) का नुकसान हो रहा है। उस दौरान मरीसा मेयर ने कहा, ‘ज्यादा पैसे कमाने को लेकर ज्यादा ड्राई और ज्यादा कॉर्पोरेट होना मुमकिन है। मुझे लगता है I’m Feeling Lucky को लेकर सबसे खुशी का बात ये है कि ये फीचर ये याद दिलाता है कि आप सब असली लोग हैं।’
बता दें कि इसे समझने के लिए आपको 90 के दौर में जाना होगा जब गूगल सर्च को बनाया गया था। उस दौरान आपको इतने सारे पेज नहीं दिखाई देते थे और न ही अच्छे से कुछ सर्च किया जा पाता था। ऐसे में ये बटन लोगों को ये भरोसा दिलाता था कि आप चिंता मत करिए मैं हूं और आपके सवालों के जवाब दूंगा।

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