लार इस्तेमाल नहीं करने का नियम लागू करना मुश्किल : ब्रेट ली

0
81
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के गेंद पर मुंह की लार का इस्तेमाल नहीं करने के नियम को लागू करना मुश्किल होगा। भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले के नेत्तृव वाली आईसीसी तकनीकी समिति ने कोरोना के खतरे को देखते हुए गेंद पर मुंह की लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की सिफारिश की थी। समिति ने हालांकि गेंद पर पसीने के इस्तेमाल को इजाजत दी है।
तूफानी गेंदबाज ली का मानना है कि करियर के शुरुआत से ही खिलाड़ी गेंद पर मुंह की लार का इस्तेमाल करते हैं और रातों-रात इसका इस्तेमाल नहीं करने की आदत छोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए कठिन होगा। उन्होंने स्टार स्पोटर्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड में कहा, ‘‘जब आप आठ-नौ साल की उम्र से गेंद पर मुंह की लार का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ऐसे में इस आदत को रातों-रात छोड़ना काफी मुश्किल होगा।’’
ऑस्ट्रेलिया के लिए 76 टेस्ट और 221 वनडे खेलने वाले ली को उम्मीद है कि यदि इस नियम का उल्लंघन हो जाता है तो आईसीसी खिलाड़यिों पर नरमी बरतेगा। ली ने कहा, ‘‘मेरे ख्याल से आईसीसी इसमें कुछ ढील देगा जैसे नियम का उल्लंघन होने पर चेतावनी दी जाएगी। यह अच्छी पहल है लेकिन मेरे ख्याल से इस नियम को लागू करने में मुश्किल होगी क्योंकि खिलाड़ी हमेशा से इसका इस्तेमाल करते आए हैं।’’
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फॉफ डू प्लेसिस भी ली की बात से सहमत हैं और उनका कहना है कि इस नियम से फील्डरों को भी मुश्किल होगी। उन्होंने कहा, ‘‘फील्डरों के लिए भी इसका पालन करना मुश्किल होगा। जैसा ली ने बताया, मुझे भी स्लिप में गेंद पकड़ने से पहले हाथों पर थूक लगाने की आदत है क्योंकि इससे कैच पकड़ने में आसानी होती है। आप अगर रिकी पोंटिंग जैसे खिलाड़यिों को देखें तो वह अक्सर अपने हाथों में थूक लगाते थे।’’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here