न पिता की सुनी न माता की, कर ली कोठे वाली से शादी, हर किसी को जाननी चाहिए, यह प्रेम कहानी

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प्यार एक खूबसूरत एहसास है। जिसे हर कोई पाना चाहता है। हर कोई इसके रंग में रंगना चाहता है। जब किसी को सच्चा प्यार होता है। वह उसके प्यार में पागल हो जाता है। उसके अलावा कोई और नजर नहीं आता। प्यार किसी से भी हो सकता है। प्यार में जात पात धर्म समाज आदि नहीं देखता। प्यार का सभी का अधिकार होता है। जिसे हो जाए उसकी जिंदगी बदल जाती है। प्यार का एहसास वक्त प्यार कितना प्यारा होता है, पोस्ट को पढ़ने के बाद पता चलेगा।

यह मामला बिहार के एक लड़का जिसका नाम रमेश है। उसे एक कोठे वाली लड़की से प्यार हो जाता है। उस लड़की को पाने के लिए वह अपनी जान जोखिम में भी डाल सकता है। लड़का फैमिली से बिलॉन्ग करता था। लड़की आदिवास समुदाय से बिलॉन्ग करती थी। यह दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे।

वही समुदाय है जो अपनी बच्ची को वेश्यावृत्ति जैसे दलदल में धकेल देता है। इस दलदल से रमेश उसे निकालकर अपने दिल की रानी बनाना चाहता था। इस समुदाय के लोग अपनी खुद की बच्चियों को इस गंदे काम में धकेल देते हैं। काफी सालों से यह काम हो रहा है। दीपक शासन ने अभी तक इसे बंद कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। ऐसे बहुत से समुदाय हैं जो चंद रुपयों में प्यारी सी बच्चियों के जीवन साथ खेला जाता है।

रमेश अपने माता पिता को सारी बात बताता है। यह सब सुनकर रमेश के माता पिता रमेश को बोले लड़की को वापस छोड़ कर चले आ। क्योंकि समाज इस रिश्ते से कभी नहीं मानेगा। रमेश ने ठान ली की मुझे समाज से कुछ लेना-देना नहीं। क्योंकि रमेश तो उस लड़की से बेहद प्यार करता था। उसने उस लड़की को ठेके से उठाकर। कोर्ट में जाकर शादी कर ली। कोट वाले लोगों ने इस सुंदर रिश्ते की खूब सराहना की और कहां कम लोग होते हैं जो ऐसा कर सकते हैं। सभी ने रमेश को सलाम किया। रमेश ने ऐसा करके अपने सच्चे प्यार का सबूत दिया है।

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