करवा चौथ के द‍िन महिलाओं को भूलकर भी नहीं करने चाह‍िए ये काम

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करवा चौथ व्रत सुहागिनों का महत्वपूर्ण त्यौहार माना गया है। करवा चौथ व्रत कार्तिक मास के चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को आमतौर महिलाओं द्वारा किया जाता है। महिलाएं करवा चौथ व्रत पति की दीर्घायु की कामना के लिए करती है। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के दिन कुछ काम ऐसे हैं जिसे भूलकर भी सुहागिनों को नहीं करना चाहिए। करवा चौथ व्रत रखने वाली सुहागिनों को चाहिए इस दिन काले या उजले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इस दिन के लाल या पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ फलदायी माना गया है। क्योंकि सनातन धर्म में लाल रंग को शुभता का प्रतीक माना गया है। इस दिन सुहागिनों को चाहिए कि पूर्ण श्रृंगार में सज-धज कर रहे और अच्छा भोजन करें। इस दिन सुहागिनों को लहठी पहने से पति की लम्बी आयु और संतान सुख मिलता हैकरवा चौथ व्रत सुहागिनों का महत्वपूर्ण त्यौहार माना गया है। करवा चौथ व्रत कार्तिक मास के चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को आमतौर महिलाओं द्वारा किया जाता है। महिलाएं करवा चौथ व्रत पति की दीर्घायु की कामना के लिए करती है।

सुहाग की वस्तुएं जैसे लहठी, चूड़ी, बिन्दी और सिंदूर को कचड़े में भूलकर भी ना फेंके। सुहाग की ऐसी वस्तुएं यदि पहनते वक्त टूट जाए तो उसे किसी नदी या तालाब में प्रवाह कर दें और अपने सुहाग की कामना करें।

इस दिन सिलाई, कढ़ाई, कटाई ना करें साथ ही इन सब कामों के लिए कैंची का प्रयोग नहीं करें। करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दिन समय बिताने के लिए ताश के पत्ते खेलना, चुगली करना और सोना जैसे काम नहीं करना चाहिए। आप यदि चाहें तो इस दिन सतियों की कथा, पौराणिक कथा सुन-पढ़ कर या कीर्तन-भजन अथवा गायन-वादन के अपने समय को शुभ बना सकती हैं।

इस दिन मांस, मछली, अंडा और मुर्गा आदि तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। जिनकी पत्नी करवा चौथ करती हैं उन्हें भी करवा चौथ के दिन इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए।

यदि अप चाहती हैं कि करवा चौथ व्रत और पूजा का फल मिले तो इस दिन भूलकर भी उजले, भूरे या काले रंग के कपड़े ना पहने। साथ ही इस दिन किसी भी आदमी को दूध, दही, चावल या उजला वस्त्र आदि नहीं देना चाहिए। वैसे तो सभी दिन अपने से बड़ों का सम्मान और आशीर्वाद लेनी चाहिए लेकिन खासकर इस दिन अपने से बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए बल्कि आशिर्वाद लेनी चाहिए। अपने पति के अलावा किसी अन्य पुरुष के बारे में किसी तरह का ख्याल मन में ना लाएं। साथ ही किसी अन्य सुहागन स्त्री को भला बुरा या शाप देने की गलती ना करें।

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