यदि स्वतंत्र प्रेस और स्वतंत्र संस्थाएं मुझे दे दो तो मोदी सरकार का देर तक टिकना मुश्किल : राहुल

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 कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मुझे स्वतंत्र प्रेस और अहम संस्थाएं दे दो और फिर देखिये मोदी सरकार लम्बे समय तक नहीं टिक सकेगी। उन्होंने कहा कि कोई देश लोगों की आवाजÞ बनने के लिए विपक्ष, मीडिया, न्यायिक प्रणाली और संस्थाओं समेत एक ढांचे में रह कर काम करता है। भारत में समूचे ढांचे को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कंट्रोल किया हुआ है और आवाम की आवाज बनने के लिए बनायी गई रूपरेखा को हथिया लिया गया है। यदि मुझे स्वतंत्र प्रैस और स्वतंत्र संस्थाएं दे दो तो मोदी सरकार बहुत देर तक नहीं टिक सकेगी।

काले कृषि कानूनों के विरुद्ध ‘खेती बचाओ यात्रा’ के तीसरे और पंजाब में अंतिम दिन आज प्रेस को संबोधित करते हुये गांधी ने कहा कि मोदी सरकार सभी प्रमुख संस्थाओं पर काबिज हो चुकी है और ऐसा करने के लिए जोर-जबरन का तरीका अपनाया है। भाजपा सरकार देश की आत्मा पर काबिज हो चुकी है जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ रही है और आगे भी संघर्ष तेज होगा।

उन्होंने कहा कि मोदी की देश के लोगों में कोई रूचि नहीं है बल्कि उनका सरोकार तो अपनी छवि को बचाने और चमकाने तक ही सीमित है। यदि वह चीन की घुसपैठ को मान लेते तो इस छवि को चोट पहुंचनी थी। उन्होंने मीडिया पर मोदी की छवि को चमकाने में मदद करने का आरोप लगाया। मोदी को अच्छी तरह पता है कि प्रैस उनके एकतरफा बयानों को पेश करेगी।

राहुल ने कहा कि सरकार ने चाहे संस्थाओं पर कब्जा कर लिया हो लेकिन वो किसानों, नौजवानों और छोटे व्यापारियों पर कंट्रोल नहीं कर सकती। मैं इन लोगों में काम करता हूँ जिनको मोदी की नीतियों ने झकझोर कर रख दिया है। मैं सहनशील व्यक्ति हूँ और तब तक इन्तजार करूँगा, जब तक लोग सत्य नहीं देख लेते।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मीडिया को बताया कि उनकी सरकार नये कृषि कानूनों के खिलाफ जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी क्योंकि यह कानून किसान तथा कृषि ढांचे और राज्य को तबाह कर देने के लिये बनाए गए हैं। गांधी ने कहा कि वह मोदी सरकार की तरफ से इन घातक कानूनों के साथ किसानों को तबाह करने के विरुद्ध हर स्तर पर जंग लडने के लिए वचनबद्ध हैं। मोदी सरकार ने पहले एस.एम.ईज और छोटे व्यापारियों को नोटबन्दी और जीएसटी के साथ निशाना बनाया था। मैं उनके साथ लड़ूंगा और उनको रोकूंगा। यदि एमएसपी ख़त्म हो गई तो पंजाब, हरियाणा और अन्य कृषि वाले राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान का कोई भविष्य नहीं बचेगा।

राहुल ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं आपस में एक-दूसरे के साथ जुड़ी होती हैं और एक के बर्बाद होने से दूसरे भी बर्बाद हो जाते हैं, उसी तरह यह खेती कानून गरीबों के लिए एमएसपी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भी ख़त्म कर देंगे। बड़े कॉर्पोरेट घरानों के निर्देशों पर एसएमईज और छोटे कारोबारों को ख़त्म करने के लिए मोदी सरकार की कड़ी निंदा करते हुये उन्होंने सचेत किया कि मोदी, अम्बानी और अडानी की तिकड़ी ने पहले एस.एम.ईज को नष्ट करके रोजगार के मौकों को ख़त्म कर दिया, अब वह कृषि की नींव हिला रहे हैं और जल्द ही भारत के लोगों को भोजन और नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा और उनका कोई भविष्य नहीं बचेगा।

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